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Abhishek Singh

Romance

3  

Abhishek Singh

Romance

चल वहाँ जाते हैं..!

चल वहाँ जाते हैं..!

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ये चांद की चांदनी, 

तारों की टिमटिमाहट।

धरती पे कल कल,

बहती नदी की धारा।


सुन कुछ तो कहती है

मन में प्रेम संगीत,

रस को भरती है।


आसमान में,

ये हवा के झोंके,

चल ले चल मुझे वहाँ,

जहाँ तू मेरा बना रहे होके।


जहाँ न बिछड़ने का डर,

न समय की चिंता

न खोने का ग़म,

न पाने का सुकून।


बस तुम और मैं,

मैं और तुम।

तुम और मैं,

ख़ुशी और सुकून।


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