STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Inspirational

4  

Kavita Sharrma

Inspirational

चित्रकार

चित्रकार

1 min
408

चित्रकार अपनी तूलिका से गढ़ता है चित्र

बिखरी थी कल्पनाओं में जो तस्वीरें अनगिनत

सिर्फ़ रेखाओं से देखो कैसा चमत्कार है किया

अद्भुत कलाकृति को सजीव सा बना दिया

सुंदर झख सफ़ेद पक्षी को देखो

प्रकृति के सुंदर परिवेश से सीखो 

निर्मल बहती हुई सुगंधित पवन

मोहित कर रही है हर्षित हुआ मन

वृक्ष भी झूम रहे हैं खुशी से

प्रसन्नता व्यक्त कर रहें हो जैसे

सौंदर्य की देवी भी पुलकित है मानो

कुदरत बनी है सखी उसकी मन तरंगायित जानो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational