चेतना का जन्मदिवस
चेतना का जन्मदिवस
जैसे जेल के ताले टूटे
मन की मैं जायेगी टूट
कृष्ण चेतना लेगी जन्म
परम शक्ति में आस्था अटूट ।
परम यथार्थ ये जीवन अपना
अंतरमन भगवान है
पर मूरत में खोज हैं लेते
आखिर हम इंसान हैं ।
धर्म को मानो या न मानो
सांसें तो सच्चाई है
जीवन की ये अद्भुत रचना
किसी ने तो बनाई है ।
बना होगा बिग बेंग से मैटर
पर जीवन तो अमिट पहेली
इस रचना को ही हम हैं मानते
कुछ समझे सखा और सहेली
कब चेतना आयी ब्रह्माण्ड में
कब है उसका जन्म दिवस
मन के भीतर थोड़ा जावें
प्रश्नों के उत्तर उधर हैं बस।
