STORYMIRROR

Satish Chandra Pandey

Romance

3  

Satish Chandra Pandey

Romance

चाय की चुस्कियों पर ही

चाय की चुस्कियों पर ही

1 min
195

चाय की चुस्कियों पर ही

तुम्हारी याद आती है,

बाकी तो व्यस्तता है,

जो मुझे दिन भर सताती है।

जिस दिन अधिक शक्कर पड़ी हो

खास कर उस दिन,

तुम्हारी याद आती है,

दिन भर रुलाती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance