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Satish Chandra Pandey

Inspirational

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Satish Chandra Pandey

Inspirational

बुरे दिन भूलने होंगे

बुरे दिन भूलने होंगे

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जिन्दगी के बुरे दिन

भूलने होंगे पथिक,

भुला कर वे बुरे दिन

पग बढ़ाने होंगे पथिक।


अब नहीं होगा बुरा,

अब भला ही मिलेगा

सोच कर आज तूने

पग बढ़ाने होंगे पथिक।


हो गया हो गया जो,

अंधेरी रात थी वो,

जो न सोची कभी

दर्द की बात थी वो।


उजाला बुझ गया था,

निर्दयी थी हवा वह,

दर्द में दिल था डूबा

खो गई थी दवा तब।


अब संभलना होगा तुझे

उजाला है जगाना,

आज के बाद अपना

दिल कभी मत रुलाना।


पास है जो भी तेरे

पकड़ चलता ही रह तू

अब मुझे मत रुलाना

भाग्य से कहता चल तू।


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