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MULA VEERESWARA RAO

Abstract Others

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MULA VEERESWARA RAO

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चाँद

चाँद

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चाँद की आवाज़

शून्य बनाता है!

चंद्रमा की किरणों के साथ

नदी की नक्काशी लाल हो रही है।

मेरी आँखों से आँसू

लाल हो रहे हैं!

नसीब भाग्यशाली है

चांद

छिपे हुए प्रतिबिंब!

मेरी जांच

मेरे मन में

दुखद कुंभ

भर  के 

चला गया


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