MULA VEERESWARA RAO
Abstract Others
चाँद की आवाज़
शून्य बनाता है!
चंद्रमा की किरणों के साथ
नदी की नक्काशी लाल हो रही है।
मेरी आँखों से आँसू
लाल हो रहे हैं!
नसीब भाग्यशाली है
चांद
छिपे हुए प्रतिबिंब!
मेरी जांच
मेरे मन में
दुखद कुंभ
भर के
चला गया
मृग तृष्णा
मां
ञीवन की राह म...
चाँद
गुमराह
महफ़िल
निष्प्राण पुष्प और कली सिसकती, पीड़ा आँसू आँगन में... निष्प्राण पुष्प और कली सिसकती, पीड़ा आँसू आँगन में...
हंस पड़े फिर शंभू छावा, क्या कहूं में तुझको बाबा निरर्थ कितना तेरा ये प्रस्ताव है हंस पड़े फिर शंभू छावा, क्या कहूं में तुझको बाबा निरर्थ कितना तेरा ये प्रस्ताव ह...
सच को झूठ की चादर में लपेटना, या झूठ को सच का मुखौटा पहनाना— यह कोई कला नहीं, बस एक सभ्यता का घाव है... सच को झूठ की चादर में लपेटना, या झूठ को सच का मुखौटा पहनाना— यह कोई कला नहीं, बस...
कभी चाँद कभी तारों से, तो कभी बहती हुई नदियों से; अपना ही परिचय पूछने लग गये... कभी चाँद कभी तारों से, तो कभी बहती हुई नदियों से; अपना ही परिचय पूछने लग गये.....
देखना ! एक दिन इसी घोंसले की देहरी से, हम देखेंगे, दूर आसमान में, सितारों के तिनकों से बना देखना ! एक दिन इसी घोंसले की देहरी से, हम देखेंगे, दूर आसमान में, सितारों के तिन...
एक लड़की जो हजारों सपने देखती है स्वतंत्रता के, समानता के, इच्छाओं के, गिर कर संभलने के और हार न मान... एक लड़की जो हजारों सपने देखती है स्वतंत्रता के, समानता के, इच्छाओं के, गिर कर सं...
मनवा लगाए बैठे सपनों के बाग़ रे, अब न सुनी है मेरी कोई भी बात ये... मनवा लगाए बैठे सपनों के बाग़ रे, अब न सुनी है मेरी कोई भी बात ये...
यह सत्य है कि हर मनुष्य इस तीव्र गति से प्रगत्त होते संसार में अकेला है, भले उसके साथ उसके परिजन हों... यह सत्य है कि हर मनुष्य इस तीव्र गति से प्रगत्त होते संसार में अकेला है, भले उसक...
मैं भीड़ हूँ, न नाम मेरा, न ही कोई पहचान, सब के साथ चलती हूँ, फिर भी हूँ अनजान। हज़ारों आँखें मेरी, ... मैं भीड़ हूँ, न नाम मेरा, न ही कोई पहचान, सब के साथ चलती हूँ, फिर भी हूँ अनजान। ...
फिर भी एक तत्व मेरा रह जाएगा इसी दुनिया में तुम्हारे भीतर समाया हुआ ह्रदय के किसी कोने में..... फिर भी एक तत्व मेरा रह जाएगा इसी दुनिया में तुम्हारे भीतर समाया हुआ ह्रदय के कि...
सच मानों तो ... अब यह शब्द मुझे विवश करें इतनी इनकी ....औकात नहीं । मैं नारी हूँ ... नारी मेरे ब... सच मानों तो ... अब यह शब्द मुझे विवश करें इतनी इनकी ....औकात नहीं । मैं नारी ...
“ईंट का जवाब पत्थर से पत्थर का गोलियों से और गोलियों का परमाणु बमों से “पूरा विश्व इसी एक फ़लसफ़े पर.... “ईंट का जवाब पत्थर से पत्थर का गोलियों से और गोलियों का परमाणु बमों से “पूरा वि...
पैसों ने आँखें ज्यों फेरी । दुर्गत होती जग में मेरी।। पैसों ने आँखें ज्यों फेरी । दुर्गत होती जग में मेरी।।
एक विशालकाय प्रचीन दरवाज़ा, जिसमे पल्ले नहीं है वह अडिग खड़ा है, कहते है ये दूसरी दुनिया का द्वार है, ... एक विशालकाय प्रचीन दरवाज़ा, जिसमे पल्ले नहीं है वह अडिग खड़ा है, कहते है ये दूसरी ...
मेरे पास सिर्फ एक देह, एक आत्मा और कुछ संवेदनाएँ हैं फिर भी वो नहीं जानते ये दुनिया कैसे चलती है मेरे पास सिर्फ एक देह, एक आत्मा और कुछ संवेदनाएँ हैं फिर भी वो नहीं जानते ये दुन...
सबसे ख़तरनाक वो चांद होता है, जो हर हत्याकांड के बाद, वीरान हुए आंगन में चढ़ता है, लेकिन आपकी आंखों... सबसे ख़तरनाक वो चांद होता है, जो हर हत्याकांड के बाद, वीरान हुए आंगन में चढ़ता ...
पीड़ा के दरवाज़े पर जीवन मिला है, साँसें नहीं, यह ज़ख्मों का सिलसिला है। हर धड़कन गिड़गिड़ाती है, "अ... पीड़ा के दरवाज़े पर जीवन मिला है, साँसें नहीं, यह ज़ख्मों का सिलसिला है। हर धड़क...
दुःखियोंका दुःख हटाना है भूखे लोगोंको खिलाना हैं । प्यासों की प्यास हटाना हैं यही हमारा कर्म हैं दुःखियोंका दुःख हटाना है भूखे लोगोंको खिलाना हैं । प्यासों की प्यास हटाना हैं...
jag सुख दुःख दोनों संग चलें,फ़िर हँसना और क्या रोना है। jag सुख दुःख दोनों संग चलें,फ़िर हँसना और क्या रोना है।
तुम अनवरत बहते हो जीवन के हर पल में रहते हो असत्य के इस संसार में बस तुम ही तो सत्य कहते हो तुम अनवरत बहते हो जीवन के हर पल में रहते हो असत्य के इस संसार में बस तुम ही तो ...