STORYMIRROR

MULA VEERESWARA RAO

Abstract Others

3  

MULA VEERESWARA RAO

Abstract Others

चाँद

चाँद

1 min
261

चाँद की आवाज़

शून्य बनाता है!

चंद्रमा की किरणों के साथ

नदी की नक्काशी लाल हो रही है।

मेरी आँखों से आँसू

लाल हो रहे हैं!

नसीब भाग्यशाली है

चांद

छिपे हुए प्रतिबिंब!

मेरी जांच

मेरे मन में

दुखद कुंभ

भर  के 

चला गया


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract