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Sunayana Borude

Romance

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Sunayana Borude

Romance

चाँद से भी हसीन

चाँद से भी हसीन

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ए खुदा के बन्दे तू

क्यु इस दर पर बैठा है

सारी तो खुशिया देदी तुझे

अब किस आस मे लौटा है


मैने मेहबूब का नाम लेकर 

कर दी मिन्नत उस्से

उस्की झलक को देखणे तरसा हूँ मैं


छिन लो ये जन्नत मुझसे

चाहे लेलो खुशी मेरी

लूट लो सारी हसी

बस दीदार की एक झलक दिखा दो

जो है चाँद से भी हसीन।


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