STORYMIRROR

चाहे कोई कुछ भी कहे

चाहे कोई कुछ भी कहे

1 min
795


चाहे कोई कुछ भी कहे...

चाहे कोई मुझे दीवानी कहे

चाहे कोई मुझे मस्तानी कहे

मैं तो हूँ तेरी हो कान्हा मैं तो हूँ तेरी हो कान्हा


चाहे कोई मुझे पगली कहे

चाहे कोई मुझे सायानी कहे

मैं तो हूँ तेरी हो कान्हा मैं तो हूँ तेरी हो कान्हा


चाहे कोई मुझे मीरा कहे

चाहे कोई मुझे गोपी कहे

मैं तो हूँ तेरी हो कान्हा मैं तो हूँ तेरी हो कान्हा


जिसको जो कहना है कहे

हम क्यों इस की परवाह करे

मैं तो हूँ तेरी हो कान्हा मैं तो हूँ तेरी हो कान्हा


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract