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Sarla Upadhyaya

Abstract Inspirational

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Sarla Upadhyaya

Abstract Inspirational

अबला

अबला

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सदियों से तुझे अबला कह कर दुत्कार मिली, 

तू अबला नहीं सबला है, तुझे यह दिखलाना होगा। 

सदियों से चली इन सडी़ गली मान्यताओं को मिटाना होगा, 

तब रूकेगा तेरा चीर हरण, 

जब दुसाशन की भुजाओं को स्वयं तू उखाडे़गी। 


तब रूकेगा तेरा अपहरण, 

जब रावण को स्वयं तू मारेगी। 

न व्यर्थ आंसू बहा, भुजाओं में अपनी शक्ति भर, 

आत्मा में भर आत्म निर्भरता का ईंधन, 

तब घर बाहर तेरी आबरू सुरक्षित रह पायेगी। 


इन गोश्त के भूखे चीलों को, आत्म शक्ति से निढाल कर

तब सही मायने में तू सबला कहलायेगी। 


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