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Niraj Khicher

Tragedy Inspirational


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Niraj Khicher

Tragedy Inspirational


बस इतना करना था!!

बस इतना करना था!!

1 min 164 1 min 164

बस एक खयाल था,

जो सांझा करना था,

हमे ना कुछ ज्यादा करना था।

मान लो एक कड़वी मिठाई को

आधा आधा करना था,

हमे ना कुछ ज्यादा करना था।


वो सवालों के जवाब नहीं चाहता था

हमे तो बस सवाल सुनना था,

कुछ देर उसके पास बैठ के 

ज़रा सा सब्र अदा करना था,

हमे ना कुछ ज्यादा करना था।


शायद वो फिर संभल भी जाता

खयाल उसका बदल भी जाता

जिन बातों को तव्वजो

हम आज दे रहे है

उसपर अमल कल करना था।

हमे ना कुछ ज्यादा करना था।


जो इतना भी नही करते तो....

'तुम खामखां बातें दिल पे लेते हो',

ऐसा तो नहीं कहना था,

'तुम बदल गए हो कोई स्पार्क नहीं है', कह के,

उससे दूर दूर नहीं रहना था,

हमे ना कुछ ज्यादा करना था।

हमे तो बस इतना करना था।



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