STORYMIRROR

Shipra Singh

Abstract

4  

Shipra Singh

Abstract

बस एक झूठ

बस एक झूठ

1 min
473

जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर, 

हर कोई झूठा यहाँ, झूठा ही सच्चा यहाँ। 

झूठ ही मनवाए अपनी बात,

झूठ ही देता सबको एक आस।

इस झूठ से है दुनिया खुश,

सच नहीं तो एक - दूसरे से पूछ। 

झूठ ने सबका दिल है जीता,

इस झूठ ने सबके रिश्ते को है पीटा। 

झूठ ने हर किसी के दिल में झूठ का बीज है बोया,

इस झूठ की वजह से कितनों ने अपना गहरा रिश्ता है खोया। 

इस झूठ में इतनी ताकत है, जो जीत लेता है सबका विश्वास,

इससे लोगों की बातें और भी हो जाती है खास। 

गौर से सुनो आप कभी भी न करना इस झूठ पर विश्वास,

अगर रखना हो किसी को अपने दिल के पास। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract