STORYMIRROR

Uma Pathak

Romance

4  

Uma Pathak

Romance

बँटवारा

बँटवारा

1 min
181

चलो आज बंटवारा करते हैं

तुम खुशियां रख लो हम गम रख लेते हैं

खुशियां ना हो तुम्हारी कभी गम

और हम सहे हंसते-हंसते सारे गम।


खुशियां ना पड़े तुमको कम

और हम सही तुम्हारे गम

चलो आज बंटवारा करते हैं

तुम रख लो पूरा दिन

हमको दे दो अपने दो पल तुम।


करो दिन भर अपनी मौज

बस हमसे दो बोलो मीठी बोल

चलो आज बंटवारा करते हैं

तुम रख लो सारा जहां

और हमको रहने दो अकेला पास में है

तुम्हारी यादों के मेले।


करना है तो इतना कर दो

अपनी यादों को मेरे दिल में रहने दो

चलो आज बंटवारा करते हैं।


चलो आज बंटवारा करते हैं

तुम रख लो अपनी रात

हमको दे दो थोड़ी सी शाम

शाम को करेंगे हम थोड़ा सा काम

चांद तारे चांदनी होंगे तुम्हारे नाम।


अब ना करना तुम हमें बदनाम

हमारा कुछ ना है सब कुछ है तुम्हारे पास

अब जी लो तुम अपनी जिंदगी

अब कुछ नहीं है हमारे पास।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance