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Vivek Agarwal

Inspirational

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Vivek Agarwal

Inspirational

बम बम भोले

बम बम भोले

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पूरा काशी डोल रहा है।

बम बम भोले बोल रहा है।


शिव की काशी काशी के शिव।

भक्ति का रस घोल रहा है।

बम बम भोले बोल रहा है।


क्या खोया था क्या पाया अब।

नजरों में अपनी तोल रहा है।

बम बम भोले बोल रहा है।


बंद पड़े थे जो दिल के ताले।

उनको भी अब खोल रहा है।

बम बम भोले बोल रहा है।


आतंक कभी न टिक पाता है।

श्रद्धा का बल अनमोल रहा है।

बम बम भोले बोल रहा है।


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