बहुत देर तक
बहुत देर तक
बहुत देर तक किसी का
इंतजार नहीं किया जा सकता,
देर तक एकांत नहीं
रहा जा सकता।
बहुत देर तक किसी से अकेले,
प्रेम नही किया जा सकता।
कभी -कभी
इन सब में अंतराल होना
चाहिए वरन,
एक ही अवस्था में रहकर
मनुष्य निष्क्रिय हो जाता है।
