STORYMIRROR

Mangilal 713

Tragedy Inspirational Children

4.5  

Mangilal 713

Tragedy Inspirational Children

भटक ना जाना मेरे दोस्त

भटक ना जाना मेरे दोस्त

1 min
30

भटक ना जाना मेरे दोस्त तुम इन जिंदगी की राहों में 

राहों में मिलेंगे यहां तुम्हे कई कांटे कई फूल भी


जमाना खराब बहुत है लोग लाजवाब बहुत है

राहों में मिलेंगे यहां तुम्हें कई अच्छे कई बुरे लोग भी


जिंदगी नाजुक बहुत है मेरे दोस्त

रुख कब किस ओर ले पता नहीं किसी को


आयेंगे कई पड़ाव ऐसे तेरी जिंदगी में मेरे दोस्त

जिस पर चलकर लक्ष्य अपना तुम्हें बनाना है


बदलती रंग बहुत है ज़िंदगी मेरे दोस्त

मत रंग जाना तुम उन रंगों में जो तुम्हें खराब करें


अहम पहली है ये जिंदगी मेरे दोस्त

सुलझा कर जिसे तुम्हें नाम अपना बनाना हैं


भटक ना जाना मेरे दोस्त

जो तुम्हें बर्बाद करे लाचार करे

उन राहों पर चलने को जो तुम्हें खराब करें।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy