बहन शांता
बहन शांता
कौसल्या दसरथ कि पुत्री दसरथ कौसल्या प्रथम संतान!! सम्पूर्ण ज्ञान वेद का कला, शिल्प पाक कि पारंगत बुद्धिमान!! कौसल्या कि बहन वार्षीणी अंग देश नरेश रोम पद से हुआ विवाह!! राजा रोमपद वार्षीणी निःसंतान पति संग वार्षिणी का बहन कौसल्या घर हुआ आना!! वार्षिणी बहना बोली बहना कौसल्या से करती हंसी ठिठोली!! होती मेरी भी शांता जैसी मिल जाये संतान प्राण जाय पर वचन ना जाए रघुकुल का आदर्श सिद्धांत!! परस्पर प्रेम परिवार सम्बन्ध नेह के राजा दशरथ का पुत्री शांता का राजारोम पद वार्षिणी को दे दिया दान!! शांता अंग देश कि राजकुमारी अंग देश कि उत्तराधिकारी अंग देश अभिमान!! कुल द्वय कि अभिलाषा गौरव सूर्य सौर्य तेज समान अंग देश राजपारिवार हर्ष उत्कर्ष मुस्कान!! ऋषि बिभाण्डक सूत रिष्य श्रृंग संग पाणिग्रहण विवाह युग इतिहास मे कुल भूषण अभ्युदय कि बहन शांता यथार्थ!! बहन शांता रघुवंश युग कीर्ति सूर्य वंश अभिमान!! दे दिया गोद शांता पुत्री को जैसा निर्धारण विधि विधान!! कोई दूसरी संतान नहीं सूर्य वंश का रखे जो मान!! चौथा पन दशरथ का चिंतित गए कुल गुरु आश्रम शरणगत कुल गुरु वशिष्ठ के पास!! परामर्श आदेश हें नरेश सूर्य वंश कुल भूषण सुनो मेरी बात मन बुद्धि से ध्यान लगा!! ऋषि श्रृंगी जामाता आपके वही करेंगे पुत्रेष्ठी यज्ञ अनुष्ठान!! काल समय अब आने वाला है मिलने वाला है पुत्री दान का पुण्य प्रसाद!! आपकी पुत्री शांता ही है सूर्य वंश का उज्ज्वल भविष्य वर्तमान!! श्रृंगी ऋषि पति शांता के कारक कारण अवतरण नव सूर्य वंश मे नारायण अवतार प्रभु श्री राम!! शांता बहना ऐसी जन्म अयोध्या मे पली बढ़ी अंग देश मे ऋषि श्रृंगी से व्यही! भ्राताओ के अवतरण जन्म कि युग सृष्टि मे धर्म मर्म मर्यादा महिमा कि गौरव गरिमा महान!! नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश!!
