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Chetan Gondalia

Inspirational

3.3  

Chetan Gondalia

Inspirational

भीड़ का हिस्सा न बनो तुम

भीड़ का हिस्सा न बनो तुम

1 min
309


भीड़ में रहो मगर

भीड़ का हिस्सा न बनो तुम।

दमक उठे जग जिससे,

दीपक बनो तुम।


अज्ञान-अँधेरा मिटाती जो,

वो मशाल बनो तुम।

हर भूमि में खुद को

साबित करो तुम।


भीड़ में रहो फिर भी,

भीड़ का हिस्सा न बनो तुम।


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