STORYMIRROR

Sudha Sharma

Inspirational

4  

Sudha Sharma

Inspirational

भाषा

भाषा

1 min
7

बहुत प्यारी होती है भाषा,

परस्पर मिलने की अभिलाषा।

आप अभिव्यक्ति का साधन,

दिल से दिल मिलने का वाहन।।


पुण्यात आपले स्वागत आहे,

 पुणे में आपका स्वागत है।

बात तो दोनों एक ही है, 

मनोभाव सदैव एक ही है।।


दिल से प्यार झलक रहा,

 व्यर्थ ही मन में छिपा रहे।

 राजनीति के कुचक्र में,

 क्यों  इसको उलझा रहे।।


 गर सीमा बांध दी तो,

 घर छोटे हो जाएंगे।

  गर्वित चलते थे सीना तान,

 फिर सिर भी झुक जाएंगे।


एकता अखंडता की अमर 

ज्योति,फिर बुझ जाएगी।

विश्व में हम शर्मिंदा होंगे,

अमृत्व छवि मिट जाएगी।


अक्षय अक्षुण्ण शक्ति  हमारी,

सिद्ध कैसे कर पाएंगे।

विजय पताका का परचम

विश्व में कैसे लहराएंगे।


 कुछ तुम चलो, कुछ हम चले,

 लक्ष्य को भेद कर जाएंगे।

स्वार्थ पूर्ण राजनीति छोड़,

 एकता को गले लगाएंगे।


सभ्यता के गाल पर,

भाषाई तमाचा ना मारो 

आने वाली पीढ़ी का,

स्वर्णिम भविष्य न उजाड़ो।


एक थे, एक है, एक रहेंगे,

गलबहियां डाल संग चलेंगे।

भाषाई नाम पर खंडित देश,

न कभी स्वीकार करेंगे।।


भाषा के नाम पर न बांटो,

भारत माता के अंग न काटो।

सहोदरी हैं सारी भाषा,

हिंदी बड़ी बहन की परिभाषा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational