भारतीय नृत्य
भारतीय नृत्य
भारतीय नृत्य का महत्व सदियों से ही चला आया।
प्राचीन काल से हर नृत्य सबके मन को खूब भाया।।
भारतीय नृत्य का उल्लेख वेदों में भी बखूबी देखा जाता है।
हमारे देश में विभिन्न प्रकार के नृत्यों को देखा जाता है।।
भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी का रंग खूब जम जाता है।
नृत्य-नाटिका का प्रकाश सदैव तम को दूर भगाता है।।
भारतीय नृत्य हर राज्य का अपना खूबसूरत गहना है।
हर घर-परिवार में नाचती-गाती हमारी प्यारी बहना है।।
स्नेह से भरा संदेश इन नृत्यों में सदियों तक रहना है।
हमारी इस अद्भुत, अनुपम कला का भला क्या कहना है।।
भारतीय नृत्य बिदेसिया, गरबा, डांडिया रास आदि हैं।
हम खुद सपरिवार नाचने के बहुत अधिक आदी हैं।।
वैसे तो झूमर, फाग, डाफ, धमाल, लूर इत्यादि हैं।
प्रत्येक नृत्य ने अपने-अपने ढंग से रौनक लगा दी है।।
भारतीय नृत्य की मांग भविष्य में भी खूब रहेगी।
प्यारे-न्यारे नृत्य की शोभा आँखों को खूब जांचेगी।।
