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Pratiksha chavan

Abstract

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Pratiksha chavan

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भारत के वासी

भारत के वासी

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पल - पल ये तडपे है,

आज लाव्हा बनके बरसे है ,

अपने हक केलिये तरसे है,

वो आज बादल बनके गरजे है,

ये भारत के वासी है ।


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