बड़बोले से बचकर चलो
बड़बोले से बचकर चलो
यह प्रश्न है अगर अस्तित्व का तो उत्तर सोचकर चलो,
अपनी प्रतिभा को विस्तार दो,नकल से बचकर चलो!
ये तो तय है कि भरभराकर एक दिन गिर ही जाएगी,
तुम ज़रा अपने अभिमान की दीवार से बचकर चलो!
मुरझाए हुए फूलों ने बिखर कर जाते-जाते ये कहा,
खुशबू सबको देते रहो पर सदा ख़ार से बचकर चलो!
मशविरा अपने बुजुर्गों का तुम्हारे काम आएगा सदा,
तन के नहीं बल्कि मस्तिष्क के बीमार से बचकर चलो !
इरादे कुछ ज़्यादा मजबूत होते हैं कर्तव्य करनेवालों के,
व्यर्थ के अधिकार जतानेवाले बड़बोले से बचकर चलो !
