बचा रहेगा जल
बचा रहेगा जल
जब तक धरती पर पड़ती रहेंगी
ओस की बूंदें
जब तक घास नोकों में पिरोकर
उकेरती रहेंगी
सुच्चे पवित्र मोतियों से
हरियाली चादर पर
पारदर्शी नगों की कसीदाकारी
तब तक सम्भव है
बचा रहेगा जल ।
जब तक चिड़िया
तय करती है हर रोज
एक नया सफर
पूर्व दिशा की ओर
ये सफर भी है
पानी के बचे होने का
एक पर्याप्त सबूत हो सकता है
जब तक लिखी जा रही हैं कविताएं
जल, चिड़िया, ओस की बूंदों पर
या फिर जल के विभिन्न स्रोतों
झरनों, तालाबों, नदियों, बावड़ियों
कुओं, सागरों, बारिश की बूंदों पर
तब तक संभव है
जल बचा रहेगा
कहीं बहते,
तो कहीं ठहरे हुए पानी के रूप में ।
