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Ayushi Modak

Abstract

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Ayushi Modak

Abstract

बात अभी आगे इतनी बढ़ी नहीं है।

बात अभी आगे इतनी बढ़ी नहीं है।

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बात अभी आगे इतनी बढ़ी नहीं है,

ज़िंदान में ज़िंदगी उतनी बुरी नहीं है।


कल पाँव भी फ़िसल गया था मेरा,

साथ उस कंधे की मौजूदगी नहीं है। 


क़ासिद चिट्ठी लाया तो है पर,

लिखने वाला मेरा नूरी नहीं है।


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