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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

"बालाजी सर्वस्व समर्पित"

"बालाजी सर्वस्व समर्पित"

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मेरा तन समर्पित

मेरा मन समर्पित

तुझे मेरे बालाजी

हर सांस समर्पित


में आया शरण तेरी

करो उद्धार मम नित

मेरा हर कर्म समर्पित

पूरा जीवन समर्पित


तू ही हृदय चित्र

तेरा बिन सब रिक्त

तुझे मेरे बालाजी

हर सांस समर्पित


मेरी हर सोच

तुझसे सबंधित

तू ही बसा हिय

तुझमे बसा चित


तुझे भूलकर, मेरा

न होगा कभी हित

बालाजी, तू ही,

मेरी आखरी मंजिल

जो तुझे पा लूं,


हो जाऊं जीवित

मेरा तन समर्पित

मेरा आत्मा समर्पित

मेरे प्रिय बालाजी,


तुझे सब अर्पित

तेरे बिन जीवन

तिमिर तिमिर

तू जीवन किरण


तू जो नहीं बाला

जय जीवन मृत

तेरे से में जीवित

रहना हृदय नित

तेरे बिन बालाजी


रिक्त जीवन चरित्र

तू एकमात्र मित्र

बाकी सकल जग

स्वार्थ भरा इत्र


तू ही हार

तू ही जीत

तेरे बिना नहीं

कोई अस्तित्व।


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