STORYMIRROR

Chitra Chellani

Abstract

2  

Chitra Chellani

Abstract

बाल मन ....

बाल मन ....

1 min
201

पावन, पल्लव, चंचल, उज्जवल 

      सुरभित, पुलकित अंतर्मन। 

प्रज्जवल दीपक, निर्मल, निश्चल 

      अर्पित, पूजित अंतर्मन। 

सरिता सम चल, कल कल अविरल 

      निश्चित, ऊर्जित अंतर्मन। 

पल में व्याकुल, पल में स्नेहिल

      अकुलित, हर्षित अंतर्मन। 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract