STORYMIRROR

Bharat Jain

Inspirational

2  

Bharat Jain

Inspirational

बाहर की दुनिया

बाहर की दुनिया

1 min
151

ख्वाबों ख्यालों से बाहर की दुनिया,

घर की दीवारों से बाहर की दुनिया।


तीर तलवार खंजर कटारों के आगे,

ये है एटम बमों से बाहर की दुनिया।


इसमें चाँद अब सिर्फ छत पर नहीं है,

किताबों के किस्सों से बाहर की दुनिया।


आज कश्तियां हैं बस भंवर के सहारे,

तुम्हारे हमारे इरादों से बाहर की दुनिया।


कभी ये बिलखती कहीं पर चटकती,

बच्चों सी है बच्चों से बाहर की दुनिया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational