Bhawna Kukreti Pandey
Abstract Inspirational
तुम
अपनी औरतों को
सोचने का समय मत देना
वे सोचेंगी तो आज़ाद हो जाएंगी
तुमसे।
ये भी की
उसे तोड़ने से पहले सोचना तुम
वे टूटेंगी तो चुभेंगी तुम्हारे ही अहम को
और निकल जाएंगी उस पार,
तुम्हारे
प्रिय अहम को
भेदते।
सवाल मिटता हु...
बिना बात
अनकहा ...
मुझे चाहिए वो...
पुकार
भेद नहीं हम द...
तुम्हारी बाते...
रिक्त होना
लिहाज
रहम करो !
पायल की झनक हूं, मेकअप के लिस्ट की, मैं चेहरे की रौनक हूं। पायल की झनक हूं, मेकअप के लिस्ट की, मैं चेहरे की रौनक हूं।
भुला कर सौ गलतियाँ सनम की फिर से गले लगाओगे। भुला कर सौ गलतियाँ सनम की फिर से गले लगाओगे।
बस अंकों का तो फेर है इक्कीस आने में न देर है उजाले की है दस्तक अब छंटने वाला अंधेर बस अंकों का तो फेर है इक्कीस आने में न देर है उजाले की है दस्तक अब छंटन...
जिन खुशियों की तलाश में कीमती वक्त बिता दिया था, उन खुशियों को तो मैंने खामोशियों में जिन खुशियों की तलाश में कीमती वक्त बिता दिया था, उन खुशियों को तो मैंने खामोश...
लिखा था खत मैंने इंसानियत के पते पर, वो डाकिया ही मर गया पता खोजते - खोजते। लिखा था खत मैंने इंसानियत के पते पर, वो डाकिया ही मर गया पता खोजते - खोजते।
'साहिल' न लग सके सागर की कश्तियाँ इसलिए तूफान भी बुला रहा है वो। 'साहिल' न लग सके सागर की कश्तियाँ इसलिए तूफान भी बुला रहा है वो।
आज इश्क़ सरे आम बदनाम होगा चैन दिल का जब भी नीलाम होगा। आज इश्क़ सरे आम बदनाम होगा चैन दिल का जब भी नीलाम होगा।
जिंदगी के कुछ कड़वी सच्चाइयों का कर सामना, अपनी आदतों में कर बदलाव इसे बसाना होगा। जिंदगी के कुछ कड़वी सच्चाइयों का कर सामना, अपनी आदतों में कर बदलाव इसे बसाना...
एक रंग - बिरंगी पतंग एक नया सा समां बांध रही है! एक रंग - बिरंगी पतंग एक नया सा समां बांध रही है!
हम जानते है मिथ्या तेरी चतुराई, अब न लौटेगी सत्ता तेरी प्रभुताई। हम जानते है मिथ्या तेरी चतुराई, अब न लौटेगी सत्ता तेरी प्रभुताई।
जो अच्छे कर्म करता वो मर कर भी जीवित रहता है। जो अच्छे कर्म करता वो मर कर भी जीवित रहता है।
चलते चलते पांव का कांटा निकल गया। चलते चलते पांव का कांटा निकल गया।
आप बोल रहे हो, निर्मल जल भी बोलता पर कोई है जो, अनकहे सिर्फ सुनता है । आप बोल रहे हो, निर्मल जल भी बोलता पर कोई है जो, अनकहे सिर्फ सुनता है ।
उदासी छाने लगती है तो क्या है किसी का भीग जाना ही अलामत है बरसने की ! उदासी छाने लगती है तो क्या है किसी का भीग जाना ही अलामत है बरसने की !
ए आकाश तेरा छोर कहां है, जीवन का वो मोड़ कहां है! ए आकाश तेरा छोर कहां है, जीवन का वो मोड़ कहां है!
कलम, बंदूक और हल के सिपाहियों का सदा ही जय जय कार हैं। कलम, बंदूक और हल के सिपाहियों का सदा ही जय जय कार हैं।
लेगा चरणों की सुधि केवट तब ही पार ले जाए।। लेगा चरणों की सुधि केवट तब ही पार ले जाए।।
किसी से कुछ मिले ना मिलें तमन्ना यही है, हम नाम अमर कर जाए जग में अपना..। किसी से कुछ मिले ना मिलें तमन्ना यही है, हम नाम अमर कर जाए जग में अपना..।
ये जलाता है फिर लजाता है क्योंकि तुम सुनहरी धूप से जन्मीं हुई सोना हों। ये जलाता है फिर लजाता है क्योंकि तुम सुनहरी धूप से जन्मीं हुई सोना हों।
बस इन्हीं बातों का तो जिक्र है। इन्हीं बातों की ही फिक्र है। बस इन्हीं बातों का तो जिक्र है। इन्हीं बातों की ही फिक्र है।