अरु
अरु
अरु की भाँति तेजवान तू,तुम हो अतुलनीय
परवाज़ है तेरी शोखियों में,तूम हो रमणीय
अधरों में मुस्कान तुम्हारी,क्या खूब जचती है
रूप तेरा तेजवान, तुम हो पाकीज़ा स्मरणीय।
अरु की भाँति तेजवान तू,तुम हो अतुलनीय
परवाज़ है तेरी शोखियों में,तूम हो रमणीय
अधरों में मुस्कान तुम्हारी,क्या खूब जचती है
रूप तेरा तेजवान, तुम हो पाकीज़ा स्मरणीय।