Deepak Kumar jha
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"मैं जानता हूँ, मैं अर्जुन नहीं, मेरे रथ का सारथी माधव नहीं।मगर हर किस्सा याद रखा जाएगा, मेरे साथ हुए हर छल का उत्तर दिया जाएगा।"
अर्जुन नहीं
नहीं
छंद:
इंसान को डसने...
तुझे जी भर जि...
सेना का दुरुप...
चंदा मामा कवि...
मेरे कृष्णा
प्रेम ने मृत्...
मौत कितनी हसी...
नहीं तो करूंगी शिकायत तेरी मां को आने दे। नहीं तो करूंगी शिकायत तेरी मां को आने दे।
पथ पर आज तुम्हारे हम, कुछ पुष्प सजाते हैं, कुछ गीत तुम पर लिख, हम खुशी बहुत ही पाते पथ पर आज तुम्हारे हम, कुछ पुष्प सजाते हैं, कुछ गीत तुम पर लिख, हम खुशी ...
जिनकी झुग्गी के दीपों का तेल कभी का सूख चुका जिनकी झुग्गी के दीपों का तेल कभी का सूख चुका
महाकाली का अवतरण भी इसी धरा पर हैं। महाकाली का अवतरण भी इसी धरा पर हैं।
मगर शायद मेरा प्यार नहीं समझ में आया उन्हें। मगर शायद मेरा प्यार नहीं समझ में आया उन्हें।
छोटी-छोटी खुशियों के भी, थे बड़े चाव। वो बारिश के पानी में कागज़ की नाव।। छोटी-छोटी खुशियों के भी, थे बड़े चाव। वो बारिश के पानी में कागज़ की नाव।।
बेचैन दिल का वास्ता नहीं अब जिनसे वो भी आज यूं ही तिलमिला रहे हैं.. बेचैन दिल का वास्ता नहीं अब जिनसे वो भी आज यूं ही तिलमिला रहे हैं..
सुबह से शाम तक सिर्फ अपने खेतों में समय गुजारता है, सुबह से शाम तक सिर्फ अपने खेतों में समय गुजारता है,
आख़िरी सांस तक मैं लड़ता, अपने कदम कैसे पीछे करता आख़िरी सांस तक मैं लड़ता, अपने कदम कैसे पीछे करता
सशक्त-समृद्ध बनाएंगे हम, हिंदी दिवस मनाएंगे हम सशक्त-समृद्ध बनाएंगे हम, हिंदी दिवस मनाएंगे हम
प्रेम भाव अनूठे सिंहासन पर, आपने विराजमान किया।। प्रेम भाव अनूठे सिंहासन पर, आपने विराजमान किया।।
बेघर ने घर बनाया है नव वर्ष पुनः आया है। बेघर ने घर बनाया है नव वर्ष पुनः आया है।
यह मैं नहीं कहती है दुनिया यही तो तेरी सफलता है। यह मैं नहीं कहती है दुनिया यही तो तेरी सफलता है।
दुआ मांगते कोई भी नहीं जाएं, सृष्टि में सब कुछ ठीक-ठाक रहे। दुआ मांगते कोई भी नहीं जाएं, सृष्टि में सब कुछ ठीक-ठाक रहे।
हया ना जाने कहाँ छोड़ आते, लोगों के घर घर वोट मांगने। हया ना जाने कहाँ छोड़ आते, लोगों के घर घर वोट मांगने।
मतलबी और अहसानफरामोश निकलेगी अपने किये धरे पर इसतरह पानी फिरेगी। मतलबी और अहसानफरामोश निकलेगी अपने किये धरे पर इसतरह पानी फिरेगी।
आकर मेरे सीने से लगकर बाहों में समाओ ना। आकर मेरे सीने से लगकर बाहों में समाओ ना।
कोई नहीं साथ तो क्या हुआ अकेले खुद से बात करतीं हूँ कोई नहीं साथ तो क्या हुआ अकेले खुद से बात करतीं हूँ
दिल की जिन गहराइयों में मैं डूब जाऊँ तुम भी गोता लगाओ तो ये ज़रूरी तो नहीं।। दिल की जिन गहराइयों में मैं डूब जाऊँ तुम भी गोता लगाओ तो ये ज़रूरी तो नहीं।...
आज मुझे भी उससे जवाब चाहिए, वो जो सिर्फ सवाल पूछता है। आज मुझे भी उससे जवाब चाहिए, वो जो सिर्फ सवाल पूछता है।