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Nand Kumar

Inspirational

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Nand Kumar

Inspirational

अनुशासन

अनुशासन

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है सम्भव जब अनुशासन हो,

तभी धरा पर सुख शांती हो।

अनुशासन है बहुत जरूरी, 

इस विन दूर नही भ्रान्ती हो।।


अनुशासन मे बंधा सूर्य,

चन्दा तारे ग्रह अनुशासित।

क्रम से ही ऋतु युग बदले,

है सब ईश्वर से अनुशासित।।


हम नर के जीवन को सुखमय, 

करने का साधन अनुशासन।

नियम और कानून का पालन,

करे सभी हो अनुशासन।।


संविधान नैतिक धार्मिक सब,

नियमों का जब पालन हो।

हो सुखमय जग में जीव सभी, 

ना कहीं किसी को दुख भय हो।।


खुद अनुशासित रहकर ही,

हम अनुशासन सिखलाये।

शिष्य पुत्र पुत्री सब परिजन,

अनुशासित हो झूमे गाएं।।


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