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dr. kamlesh mishra

Inspirational

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dr. kamlesh mishra

Inspirational

अनुशासन

अनुशासन

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अनुशासन है पहली सीढी,

इसको स्वीकार करो तुम।

जीवन में सफलता पाने की,

फिर रफ्तार भरो तुुुम।


गुुरू जनों पर दोषारोपण,

अब करना छोड़ो तुम।

इनके त्याग और गरिमा को,

हृृृदय से स्वीकार करो तुम।


विद्यालय के प्रांंगण की बनो क्यारी,

विद्या से श्रृृंगार करो तुम।

कलियों से मुस्काओ,

फिर भंवरेे सा गुंंजार करो तुुुम।


ऐसे पुष्प बनो तुम,

यह नंदन महक उठे।

तुुम्हारी अद्भभुत क्रियाओं से,

कण-कण इसका चहक उठे।


घर से लेकर विद्यालय तक,

ऐसी चाल चलो तुुुम।

अनुशासन है शान तुुुम्हारी,

ऐसी हुंकार भरो तुम।



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