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Suresh Koundal 'Shreyas'

Abstract Classics

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Suresh Koundal 'Shreyas'

Abstract Classics

अनमोल दोस्ती

अनमोल दोस्ती

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रिश्तों में जो बन्ध ना सके

जिसे दौलत सके न तोल।

दोस्ती ऐसा तोहफा रब का

बड़ा दुर्लभ और अनमोल।


प्रेमत्याग से बंधा ये बन्धन,

दोस्ती एक प्यारा एहसास।

जाति धर्म से ऊपर उठकर,

दोस्ती जीवन का विश्वास।

चाहे कितने गम हों जीवन में,

खुशी के रंग दे घोल।

दोस्ती ऐसा तोहफा रब का

बड़ा दुर्लभ और अनमोल।


जब भी कोई विपत्ति आये

अपने जब साथ छोड़ जाएं।

दोस्ती ऐसा निस्वार्थ रिश्ता

जो हर पल साथ निभाये।


चुरा लेते दोस्त आंख से आंसू,

जब करते हंसी - मख़ौल।

दोस्ती ऐसा तोहफा रब का

बड़ा दुर्लभ और अनमोल।


सच्ची दोस्ती वक्त परखता,

दोस्त की करवाता पहचान।

मुश्किल वक्त में साथ डटा रहे जो

ऐसे दोस्त पर जान कुर्बान।


मतलबी दोस्त से दूर रहो जिसके,

हृदय में तो विष भरा,हों मुहँ में मीठे बोल।

दोस्ती ऐसा तोहफा रब का

बड़ा दुर्लभ और अनमोल।


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