अंदाज़ तेरी बे-रूख़ी का।
अंदाज़ तेरी बे-रूख़ी का।
अंदाज़ तेरी बे-रूख़ी का हैरान परेशान करता,
अंदाज़ तेरी अदाओं का क़त्ल हमारा है करता।
अंदाज़-ए-मोहब्बत तेरा पहले ही क़त्ल करता,
अंदाज़-ए-मोहब्बत तेरा अब तो घायल करता।
तुम्हे मिलने से पहले तेरे बिन जीना था आसान,
अब तेरे जाने के बाद लगता जीना ना आसान।
प्यार करने का तरीका तेरा समझना न आसान,
धन-दौलत के लिए किया प्यार मेरा भी कुर्बान।
इश्क़ एक बार वो भी पहली भूलना ना आसान,
तमाम उम्र याद आती जिसे भूलना ना आसान।
तौहीन-ए-इश्क़ इल्तिज़ा कभी भी तुम न करना,
प्यार रब का ही रूप तो सजदा इबादत है करना।
तमाशा प्यार -मोहब्बत का कभी नहीं है करना,
प्यार -मोहब्बत सदा वफ़ादारी से हमें है करना।
ऐसा ज़ख़्म बार-बार मासूम दिल को नहीं देना,
सच्चा प्यार कर सकते तो हम सबने इसे करना।

