अंबर की चाहत में
अंबर की चाहत में
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
पत्तों पर बूँदों ने बारिश का आईना बना दिया
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
किसी को प्रेम भरी बूँदों में याद आया प्रेम पहला
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
एक अनामिक प्रेमपत्र लिख रहा हैं बारिश का चहेता
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
दूर क्षितिज पर कोई दे रहा है सदा
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
बारिश की बूँदें महका रही है लफ्जों का गुलदस्ता
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
बारिश की बूँदों ने शब्दों का रंग रूप निखार दिया
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
हजार बरसाती बूँदों ने प्यार के प्रतिबिंब का चेहरा बना दिया
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
प्रेम पुस्तक की पंक्तियों में अंबर की वर्षा को अंकित किया
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
बहती बयार ने अनकही बातों को स्वर दे दिया
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
एक प्रेम तरंग बनके खिलती है मन पे एक तरंग रेशा
अंबर की चाहत में
जो हो रही है वर्षा
हर एक लम्हें में दो बातों की कई सदिया

