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Jyoti Khari

Tragedy

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Jyoti Khari

Tragedy

अलविदा हो गए…

अलविदा हो गए…

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हमेशा हमेशा के लिए जुदा हो गए…

कुछ यूँ वो जिंदगी से अलविदा हो गए।

कल और आज में हमारी दुनिया बदल गयी…

और हम मोहब्बत में फ़ना हो गए।

तुम सिर्फ़ सामने थे ज़िंदगी में नहीं…

आज हमेशा के लिए लापता हो गए।

हमारे ज़ख़्मों को मरहम की ज़रूरत है…

ये ज़ख्म हमारे संजीदा हो गए।

तुमसे बिछड़कर हम खुद से यूँ बिछड़ गए…

की खुद को ही पहचानना ज़रा मुश्किल हो गया-

हमारे दिल में बसे दर्द अब ज़रा गमज़दा हो गए।

तुम्हें जब कोई मिलेगा तुम्हारी तरह…

तब एहसास होगा गम- ए -जुदाई का-

की मोहब्बत में लोग कैसे गुमशुदा हो गए।

जहाँ हमारी ज़िंदगी मुस्कुराती थी…

आज खाली मोहब्बत के वो मकां हो गए।

अब जिंदगी तुम्हारे संग नहीं…

तुम्हारी यादों में गुजरती है-

वो प्यार के लम्हें अब सिर्फ़ निशां हो गए।

जो कभी मिल ही न सकें…

कुछ इस तरह हम जमीं और तुम आसमां हो गए।

हमेशा हमेशा के लिए जुदा हो गए…

कुछ यूँ वो ज़िंदगी से अलविदा हो गए।।।।



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