STORYMIRROR

Ham Nava

Romance Inspirational

4.5  

Ham Nava

Romance Inspirational

अक्स की सादगी

अक्स की सादगी

1 min
2

सुनहरी ओढ़नी में वो छुपा एक नूर लगती है,
मगर इस आईने में वो ज़रा मगरूर लगती है।
💞
​सहेजे कांच के टुकड़े, वो अपनी ही कहानी में,
दुआ में जो मुकम्मल हो, वही दस्तूर लगती है।
💞
​हमने तो हाथ फैलाया, उसे तूफ़ां से रखने को,
मगर वो सादगी अपनी, छुपाने पर मजबूर लगती है।
💞
​जो समझे दोस्ती को बस महज़ इक मोड़ चाहत का,
वही रूह आज महफ़िल में बहुत रंजूर लगती है।
💞
​चमकती धूप सी साड़ी, और आँखों में ये तन्हाई,
वो हँसती है मगर दिल से ज़रा वो दूर लगती है।
💞
​'सुहैल' तुम ढाल बन कर ही खड़े रहना हमेशा अब,
कि उसकी बेबसी में भी वफ़ा भरपूर लगती है।
💞



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance