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Harkirat Singh Dhingra

Fantasy

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Harkirat Singh Dhingra

Fantasy

अकेली नहीं हो तुम......

अकेली नहीं हो तुम......

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वो बोली.....

उम्र में दो साल छोटे हो,

बोला करो दीदी हमें !


 मैं बोला....

अकेली नहीं हो तुम....

न ही ये कहानी का अंत है।


चला आ रहा है सदियों से,

कसम से, ये तो अनंत है।


कैसे समझाऊं उसे

चाहत, फितरत और दिल की,

कोई उम्र नहीं होती !


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