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AAKASH KUMAR

Romance Fantasy

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AAKASH KUMAR

Romance Fantasy

एहसास

एहसास

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जब कानों पर उसके हाथों का एहसास हुआ मुझको 

जब उसके हमेशा साथ रहने का आभास हुआ मुझको


जब उसने महसूस कराया की मैं तुम्हारे साथ हमेशा रहूंगी

जब उसके प्रतीति हुई की गमों के बीच भी तुम्हारा साथ न छोडूंगी


जब उसके लबों की छुअन मेरे गालों ने महसूस की

जब उसके कोमल हाथों ने मेरे बालों के बीच एक सफर तय की


जब उसके साथ होने का एहसास ही गमों के साए को दूर करने लगे

जब उस एक लड़की के लिए दिल सब कुछ न्योछावर करने लगे 


जब उसके साथ कुछ क्षण बैठने से ही आत्मा तृप्त हो जाए

उससे बिछड़ने का एहसास जब दिल सह न पाए


यही तो होता है प्यार जो एक स्वास से उतरकर दिल तक पहुंच जाता है

यूँ ही नहीं सबके लिए आम किसी एक के लिए खास हो जाता है



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