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Bhawana Raizada

Abstract Classics Inspirational

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Bhawana Raizada

Abstract Classics Inspirational

अजन्मा हूँ

अजन्मा हूँ

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अजन्मा हूँ, हूँ तेरे दिल में

बन के तेरा ही विचार। 


न देख तू इधर उधर

मैं हूँ तेरी ही धार। 


क्या पाया है क्या खोया है

ये सब सोच विचार


त्याग कर इन स्वार्थी दुनिया

सादे जीवन को कर स्वागत। 


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