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संजय असवाल "नूतन"

Inspirational

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संजय असवाल "नूतन"

Inspirational

अभी मरा नहीं हूं

अभी मरा नहीं हूं

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माना मैं हार गया आज भले

खुद की नाकामियों से

पर अभी ये अंत नहीं,

अभी मैं चुका नहीं हूं खुद की उम्मीदों से

अभी मैं पस्त नहीं हुआ खुद के हौसलों से

अभी बहुत आग बाकी है मेरे सीने में,

जो जलाएगी मुझे हर वक्त तब तक

जब तक मैं खुद से ही ना हार मान लूं,

और देगी मुझे ऊर्जा गिर कर संभलने में,

मैं गिरा जरूर हूं पर अभी मरा नहीं

भले हार बहुत है इस संघर्ष में मेरे

तो क्या हुआ, फिर से उठूंगा मैं गिरकर

एक नए अनुभव के साथ,

और लड़ूंगा तब तक,

जब तक आखिरी सांस बाकी है मेरे सीने में।


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