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अब मैं सीख चुका हूँ !

अब मैं सीख चुका हूँ !

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वतन के लिए मरना

अब मैं सीख चुका हूँ

वतन के वास्ते जीना

अब मैं समझ चुका हूँ।


जीवन मेरा देश के नाम है

मैं प्रतिज्ञा ले चुका हूँ

भारत माँ की रक्षा का

प्रण मैं अब ले चुका हूँ।


समझ चुका है अब हर भारतवासी

देश पर मर मिटना है

प्रतिज्ञा कर चुका है अब हर वीर सिपाही

देश के लिए सबकुछ कर जाना है।


वतन के वास्ते

मैं अपना जीवन समर्पित कर चुका हूँँ

माँ भारती की रक्षा का

प्रण अब मैं ले चुका हूँँ।


समर्पित है हर भारतीय

भारत माता की आराधना के लिए

शेरों ने ललकार अब भरी है

उन गद्दारों को सबक सिखलाने के लिए।


सीख चुका हूँँ मैं

तलवार को रक्त से नहलाना

सीख चुका हूँँ

मैं उन गद्दारों से लड़ना

सीख चुका हूँँ

मैं भारत के लिए कुछ कर दिखाना

सीख चुका हूँँ

मैं भारत माँ के चरणों में अपनी सेवा देना...।






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