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aazam nayyar

Abstract Fantasy Children

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aazam nayyar

Abstract Fantasy Children

आशना

आशना

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मिला मुझे आशना कहाँ है 

तलाश करता रहा यहाँ है 


जिसे दूँ मैं फूल प्यार का ही 

हसीन सूरत न दरमियां है 


खिलेगा कैसे वफा का ही गुल

फ़िज़ा नहीं वो मगर यहाँ है


कि कोई हमदम नहीं यहां तो

बहुत ही तन्हा मेरा मकां है


यकीन उसको दिलाऊं कैसे

हुआ मेरा यार बदगुमां है


बहुत है ढूंढी मिली न लेकिन

मेरी मुहब्बत कहां निहां हैं


खुशी न आज़म हुई मयस्सर

कि दुख भरा ये बहुत जहां है।


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