आओ न कुछ कसमें खाते हैं
आओ न कुछ कसमें खाते हैं
आओ न कुछ कसमें खाते हैं ,
कुछ अपनी दूरियों को मिटाते हैं।
कुछ तुम कहना अपनी
कुछ हम सुनाते हैं।।
पर इस बार कोई वादा नहीं
बस प्यार निभाते हैं।
दिल की कसक हम आज
पूरी कर जातें हैं।।
बहते अश्कों को चलो न
अब हम दूर भगातें हैं।
चलो न अब हम हर पल
मुस्कुराने की कसम खाते हैं।।
