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Usha Gupta

Inspirational

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Usha Gupta

Inspirational

आओ मनायें त्यौहार ज़रा हट के

आओ मनायें त्यौहार ज़रा हट के

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मनाते हैं उत्साह और प्रेम से त्यौहार सभी,

आओ अब मनाते हैं त्यौहार ज़रा हट कर,

उसी उत्साह और प्रेम के साथ।


चलो मनाते हैं त्यौहार होली का!

हैं भक्त प्रह्लाद प्रतीक अच्छाई का,

हैं होलिका प्रतीक बुराई का,

है प्रतीक होलिका दहन विजय का बुराई पर अच्छाई का,

मनातें हैं  जिसे हम कर दहन लकड़ियाँ!

आओ मनाते हैं  होलिका दहन ज़रा हट कर,

 बनाते हैं सूची अपने अन्दर छुपी बुराइयों की,

फिर करते हैं दहन उनका।

मनाते हैं ख़ुशियाँ रंगों के साथ,

भर दें ख़ुशियों के रंग हैं बेरंग ज़िंदगी जिनकी,

देकर भोजन भरपेट नसीब नहीं सूखी रोटी जिन्हें,

बाँट दें चन्द कपड़े उन्हें, ढ़क नहीं पाते जो तन अपने,

पढा़ दें उन्हें देखी नहीं सूरत जिन्होनें पुस्तकों की,

उसी उत्साह और प्रेम के साथ,


मनाते हैं उत्साह और प्रेम से त्यौहार सभी,

आओ अब मनाते हैं त्यौहार ज़रा हट कर,

उसी उत्साह और प्रेम के साथ।


चलो मनाते हैं त्यौहार विजय दशमी का,

किया था वध राम ने रावण का दशहरे के दिन।

ले गया था हर के रावण सीता को,

था अभिमान उसे अपनी बल, बुद्धि व ऐश्वर्य पर,

हुआ चूर-चूर अहं रावण का गिर पड़ा धरती पर जब बाण से राम के।

आओ मनाते हैं विजय दशमी  ज़रा हट कर,

लें सीख राम से चलें पथ पर विनम्रता के है मंज़िल विजय जिसकी,

ले जायेगा पथ तो अभिमान का गर्त में, धरे रह जायेंगें धरती पर,

बल, बुद्धि व ऐश्वर्य सभी,

दें जला अभिमान को उसी उत्साह और प्रेम के साथ,


मनाते हैं उत्साह और प्रेम से त्यौहार सभी,

आओ अब मनाते हैं त्यौहार ज़रा हट कर,

उसी उत्साह और प्रेम के साथ।


चलो मनाते हैं त्यौहार दीपावली का,

विजयी हुए राम आये थे वापिस अयोध्या,

इसी दिन कर समाप्त वनवास चौदह वर्ष का,

हैं दिन यह  ख़ुशियाँ मनाने का,

आओ मनाते हैं दीपावली ज़रा हट कर,

मनाये ख़ुशियाँ साथ उनके देखी नहीं,

 झलक एक ख़ुशी की जिन्होने।

ख़रीदें दिये, लक्ष्मी गणेश सभी माटी के,

सड़क पर बैठी उस बूढ़ी माँ से,

बनाये हैं जिसने भारत माँ की पवित्र मिट्टी से,

जलायें दिये व  पटाखे अभाव में जी रहे बालकों के साथ,

खिला दें मिठाई के दो कौर उन्हे मिला नहीं अवसर,

 जिन्हें कभी चखने का भी,

उसी उत्साह और प्रेम के साथ।


मनाते हैं उत्साह और प्रेम से त्यौहार सभी,

आओ अब मनाते हैं त्यौहार ज़रा हट कर,

उसी उत्साह और प्रेम के साथ।



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