आओ दिनकर से सीखें
आओ दिनकर से सीखें
आओ दिनकर से सीखें हम,
सुबह सवेरे जल्दी उठना,
अपनी आलस को तज कर,
ईश्वर का पहले वंदन करना।
अपने जीवन यापन के लिए,
काम में खुद को व्यस्त करना,
जीवन में कुछ पाने के लिए,
खूब कड़ी मेहनत को करना।
जात पात का भेद भुलाकर,
सबको एक जैसा ही समझना।
अमीर हो या कोई गरीब हो,
सबसे मिल जुलकर रहना।
कितनी भी मुश्किल आने पर,
हिम्मत को अपने दिल में धरना।
गर्मी सर्दी आँधी तूफाँ में,
डट के उन सभी से लड़ना।
गम के बादल छाने पर,
धैर्य को अपने दिल में धरना।
हँसते हॅंसते हर गम से,
आसानी से पार लगना।
दुःखों की काली रात आने पर,
उससे बिल्कुल ही न डरना,
सुख दुःख के इस जीवन चक्र को,
दिल से अपने स्वीकार करना।
कितनी भी तेज़ आँधी हो,
डटकर उसका सामना करना,
दिनकर और बादलों की भाँति,
सुख दुःख से आँख मिचौली खेलना।
कितनी भी अंधेरा जीवन में क्यों न हो,
आशा का दीप हमेशा जलाए रखना।
दिनकर की भाँति ही खुद को,
और इस जहान को रौशन करना।
अपने अडिग इरादों और लगन से ,
खुद को बेहद ही मज़बूत करना।
दिनकर की भाँति अपने जीवन में,
ऊँचाइयों को हासिल करना।
