STORYMIRROR

शीला गहलावत सीरत

Inspirational

3  

शीला गहलावत सीरत

Inspirational

आंखों की

आंखों की

1 min
167

पांवों में जान हो... 

मंजिल हमसे कभी न दूर हो


आंखों में पहचान हो... 

इंसान हमसे कभी न दूर हो


दिल में स्थान हो... 

अपने हमसे कभी न दूर हो


भावना में जान हो... 

भगवान कभी हमसे दूर हो।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational