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Nitu Rathore Rathore

Abstract Romance Inspirational

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Nitu Rathore Rathore

Abstract Romance Inspirational

आंखों के पन्नों पर

आंखों के पन्नों पर

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इतना भी ना चाहो हमें, सब उंगली उठायेंगे

ये तो सोचा ही न होगा, तुमको कैसे भुलायेंगे।


ये मान लिया जिंदगी को प्यार से भर दोगे तुम

किस्सा वफ़ाओं का ये किसके सामने सुनाएंगे। 


छू पाए ना तुझे आँधियाँ गम की दुआ ये करूँगी

हम खुशियों को अब पता घर का तेरे ही बताएंगे।


ये ज़िंदगी क्या कारनामे अब दिखाती हैं देखो

हम भी वक्त के आगे सर अपना तभी झुकाएंगे।


इस मन ने कागज पर मोहब्बत लिख दी हैं पढ़ लेना

आँखों के पन्नों पर "नीतू" के साथ ही मुस्काएँगे।



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