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Ravindra Dhing

Romance Tragedy

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Ravindra Dhing

Romance Tragedy

आँखें

आँखें

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कुछ जागी कुछ सोई आँखें

नींदों में कुछ खोई आँखें

आँसुओं से धोई आँखें


जिनसे कोई ख्वाब झाँके 

लाल सुर्ख उंनींदी आँखें

तेरी आँखें मेरी आँखें।


तुमसे जो कुछ माँगती हैं

सब कुछ लुटाना चाहती हैं

कहने को कुछ आतुर आँखें


दिखने में यह निष्ठुर आँखें

लाल सुर्ख उंनींदी आँखें

तेरी आँखें मेरी आँखें।


आज हुआ एहसास ही ऐसा

तुम में कुछ तो खास है ऐसा

साथ मेरा जब छोड़ रहे तुम


उम्मीदों से बोझल आँखें

आँखों से कुछ ओझल आँखें

लाल सुर्ख उंनींदी आँखें

तेरी आँखें मेरी आँखें।


शुरू हुआ है इंतज़ार

पर मानेंगी नहीं ये हार

रास्ते पर टिकी आँखें

थकी आँखें झुकी आँखें


बादलों से नमी पा कर

आँसुओं से सनी आँखें

लाल सुर्ख उंनींदी आँखें

तेरी आँखें मेरी आँखें।


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