STORYMIRROR

Komal Bhaleshwer

Romance Others

4  

Komal Bhaleshwer

Romance Others

आना चाहती हूं तेरी बाहों में

आना चाहती हूं तेरी बाहों में

1 min
372

आना चाहती हूं तेरी बांहों में

क्या तुम बुलाओगे

आवाज देकर

क्या तुम बुलाओगे

भूलकर सारी दुनिया

तुझमें समाना चाहती हूं

तुम भी क्या मुझे

पनाहों में छुपाओगे

थक चुकी हूं बहुत

अपनी किस्मत से लड़ते लड़ते

बाहर से मुस्कुराती हूं

अब तो आंसू भी नहीं छलकते

क्या तुम भी प्यार से

मेरी ओर हाथ बढ़ाओगे

अब डर सा लगता है

मुझे हर रिश्ते से

हर कोई यहां मतलबी

प्यार से छलता है

तुम, बिना किसी स्वार्थ के

मुझे सीने से लगाओगे

मेरे जीवन साथी

अब थक गई मैं बहुत

क्या तुम प्यार से

मुझे गोद में सुलाओगे?

मौत का पता नही

कब आकर मुझे ले जाए

जब तक है जिंदगी

तुम साथ यूं ही निभाओगे



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance