STORYMIRROR

Simran Grewal

Drama

3  

Simran Grewal

Drama

आज उनसे मिलना है

आज उनसे मिलना है

1 min
171

ख़ुदा से दुआ की थी,

आज तो मुझे उनसे मिलना है,

ख़ुदा ने भी इंकार कर दिया,

बोला फिर से नहीं, उसने औरों से करी तेरी तुलना है।


सारा दिन उसका अता-पता नहीं,

बस रात में फोन एक आता है,

उसका अकेलापन दूर करने का खिलौना हूँ मैं,

ना जाने कैसे इसे प्यार बतलाता है।


दर्द तो बहुत है,

मगर कितनी बार मरहम-पट्टी कराएँ? 

अब आदत नहीं रही,

उन्हें फोन करके हम आँसू बहाएँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama